मेरे लिए मेरा फर्ज पहले है। परिवार, घर की जिम्मेदारी और बाकी चीजें भी हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मौजूदा समय देश पर कुर्बान होने का है। इस समय हम अपनी ड्यूटी से भला कैसे पीछे हट सकते हैं। जिंदगी रही तो बाकी खुशी भी मिलेगी, लेकिन अभी तो बस देश सबसे पहले है। कोरोना की इस जंग में अपने देश को विजयी बनाना है।
ये कहना है पीजीआई की नर्सिंग ऑफिसर सोनिया मसीह का। सोनिया इस समय पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल की आईसीयू में ड्यूटी कर रहीं हैं। हिमाचल की सोनिया की पांच महीने पहले ही राहुल राणा के साथ शादी हुई है। राहुल ने शादी के बाद चंडीगढ़ ट्रांसफर ले लिया। वो एक आईटी कंपनी में कार्यरत हैं। सोनिया ने बताया कि इस समय राहुल घर से ही ऑफिस का काम कर रहे हैं, लेकिन मैं घर से ड्यूटी नहीं कर सकती। इस वजह से मुझे पीजीआई आना पड़ रहा है।
इस समय कोरोना आईसीयू में छह दिन से ड्यूटी कर रही हूं। सात दिन बाद मेरी ड्यूटी पूरी हो जाएगी। उसके बाद मुझे 14 दिन के लिए क्वारंटीन में रहना होगा। उसके बाद ही घर जा पाऊंगी। इस समय पति घर पर अकेले हैं। मोबाइल पर बात होती है, लेकिन राहुल अकेले में परेशान होते हैं। इसके बावजूद वह मुझे ड्यूटी पर डटे रहने की ही बात समझाते हैं। सच कहूं तो राहुल के सपोर्ट की बदौलत ही मैं अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से कर रही हूं।
एलर्जिक हूं तो क्या हुआ, सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है
सोनिया ने बताया कि वो एलर्जिक हैं। लेकिन इस वजह से ड्यूटी न करना कोई कारण नहीं बनता। जहां तक एलर्जी की बात है तो उससे बचाव के लिए सभी पुख्ता इंतजाम करके ही ड्यूटी पर जाती हूं। सोनिया का कहना है कि जब एक मरीज उस गंभीर स्थिति में अपने परिवार से दूर रह सकता है तो हम ड्यूटी क्यों नहीं कर सकते। बस जज्बा होना चाहिए करने का, फिर रास्ता अपने आप बनता चला जाता है।
ये कहना है पीजीआई की नर्सिंग ऑफिसर सोनिया मसीह का। सोनिया इस समय पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल की आईसीयू में ड्यूटी कर रहीं हैं। हिमाचल की सोनिया की पांच महीने पहले ही राहुल राणा के साथ शादी हुई है। राहुल ने शादी के बाद चंडीगढ़ ट्रांसफर ले लिया। वो एक आईटी कंपनी में कार्यरत हैं। सोनिया ने बताया कि इस समय राहुल घर से ही ऑफिस का काम कर रहे हैं, लेकिन मैं घर से ड्यूटी नहीं कर सकती। इस वजह से मुझे पीजीआई आना पड़ रहा है।
इस समय कोरोना आईसीयू में छह दिन से ड्यूटी कर रही हूं। सात दिन बाद मेरी ड्यूटी पूरी हो जाएगी। उसके बाद मुझे 14 दिन के लिए क्वारंटीन में रहना होगा। उसके बाद ही घर जा पाऊंगी। इस समय पति घर पर अकेले हैं। मोबाइल पर बात होती है, लेकिन राहुल अकेले में परेशान होते हैं। इसके बावजूद वह मुझे ड्यूटी पर डटे रहने की ही बात समझाते हैं। सच कहूं तो राहुल के सपोर्ट की बदौलत ही मैं अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से कर रही हूं।
एलर्जिक हूं तो क्या हुआ, सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है
सोनिया ने बताया कि वो एलर्जिक हैं। लेकिन इस वजह से ड्यूटी न करना कोई कारण नहीं बनता। जहां तक एलर्जी की बात है तो उससे बचाव के लिए सभी पुख्ता इंतजाम करके ही ड्यूटी पर जाती हूं। सोनिया का कहना है कि जब एक मरीज उस गंभीर स्थिति में अपने परिवार से दूर रह सकता है तो हम ड्यूटी क्यों नहीं कर सकते। बस जज्बा होना चाहिए करने का, फिर रास्ता अपने आप बनता चला जाता है।
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