Sunday, May 10, 2020

इंसानियत ही इनका मजहब... कई को दी मुखाग्नि तो कई को किया सुपुर्दे खाक

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में ऐसे लोग भी कोरोना वॉरियर्स (योद्धा) बनकर सामने आए हैं, जो संक्रमित की मृत देह को अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचा रहे हैं। इन्होंने कई लोगों को मुखाग्नि दी तो कई को सुपुर्द-ए-खाक किया है। इन्हें खुद नहीं पता कि अब तक ये कितनों को मुखाग्नि दे चुके हैं और कितनों को सुपुर्द-ए-खाक किया है। कई बार ऐसी स्थिति बनती है कि कोरोना संक्रमित की मृत देह को उसके स्वजन मुखाग्नि देने या दफ्न करने से परहेज करते हैं। तब ये कोरोना वॉरियर्स मजहब की दीवारों से उठकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।

निभातें हैं अंतिम संस्‍कार की सारी जिम्‍मेदारी
हम बात कर रहे हैं इंदौर के अरबिंदो अस्पताल के मॉर्चूएरी विभाग के चार कर्मचारियों सोहनलाल खाटवा, जगदीश पटवाने, गोलू खरे और लखन खरे की। प्रशासन ने अरबिंदो अस्पताल को कोरोना के इलाज के लिए चुना तो इन चारों की जिम्मेदारी बढ़ गई। कोरोना संक्रमित व्यक्ति की इलाज के दौरान मृत्यु होने पर ये चारों ही मृत शरीर को अस्पताल से अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाते हैं। वहां शव को चिता पर लेटाने से लेकर लकडि़यां जमाने तक की जिम्मेदारी इन्हीं को निभानी होती है।
अपने भी छोड़ देते हैं जब साथ
बकौल सोहनलाल कई बार चिता पर शव को लेटाने के बाद मृतक के स्वजन मुखाग्नि देने से इन्कार कर देते हैं। ऐसे में यह जिम्मेदारी भी उन्हें निभानी होती है। मृतक के स्वजन के पास पीपीई किट या संक्रमण से बचने के अन्य सुरक्षा संसाधन नहीं होने पर भी उन्हें ही अंतिम संस्कार करना पड़ता है। कई को कर चुके सुपुर्द-ए-खाक सोहनलाल, जगदीश, गोलू, लखन के मुताबिक उन्होंने कभी यह सोचकर काम नहीं किया कि मरने वाला हिंदू है या मुस्लिम।
जब अपने भी कब्र में नहीं उतरते
कई बार ऐसी स्थिति भी सामने आई कि मृतक के स्वजन शव को कब्र में उतारने से भी परहेज करते हैं। ऐसी स्थिति में इन्हीं चारों को शव कब्र में उतारना होता है। शव वाहन में भी नहीं बैठने देते सोहनलाल ने बताया कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत होने पर हम उसके स्वजन को शव वाहन में नहीं बैठने देते क्योंकि इससे संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। हम खुद शव के साथ अंतिम संस्कार स्थल तक जाते हैं। स्वजन से कह दिया जाता है कि वे अपने वाहनों से अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंच जाएं। सोहनलाल का मकान अरबिंदो अस्पताल के सामने ही है, जबकि बाकी के तीनों साथी ग्राम रेवती में रहते हैं।
अस्पताल रखता है पूरा ध्यान
जगदीश और गोलू ने बताया कि शुरआत में उन्हें इस काम में संकोच हो रहा था। उन्हें डर था कि इस काम में वे भी संक्रमित हो जाएंगे, लेकिन अस्पताल के प्रबंधक राजीव सिंह ने उन्हें न सिर्फ सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया बल्कि इस कार्य को मानवता से जोड़कर देखने की प्रेरणा भी दी। अरबिंदो अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. विनोद भंडारी के आश्वासन के बाद वे इस काम को करने को तैयार हुए और अब मानवता की सेवा कर रहे हैं। चारों कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन न केवल उन्हें संक्रमण से बचने के संसाधन दे रहा है, बल्कि उनके खाने-पीने सहित अन्य सुविधाओं का इंतजाम भी कर रहा है। 

ड्यूटी ने बांधे हाथ, दो साल के बेटे का चेहरा 25 दिन से नहीं देखा

दिल्ली के एक अस्पताल में कैट्स एंबुलेंस में ड्राइवर अमित चौधरी इन दिनों दिन-रात काम कर रहे हैं। वह कहते हैं इससे पहले कभी इतनी थकान नहीं हुई। 2 साल के बेटे को देखने के लिए भी आंखें तरस जाती हैं, पर पहले ड्यूटी जरूरी है।



प्रियंका सिंह, हरि नगर
डीडीयू अस्पताल के मुख्य गेट पर एंबुलेंस की गाड़ी के सामने खड़े एक व्यक्ति का फोन बजता है। वह जल्दी से पीपीई पहनता है और सायरन बजाते हुए कैट्स एंबुलेंस अस्पताल के गेट से निकल जाती है। जब उनसे बात की गई, तो उन्होंने अपना नाम अमित चौधरी बताया। वह कैट्स एंबुलेस में ड्राइवर की पोस्ट पर कार्यरत है। जब से लॉकडाउन हुआ है, तब से वह दिन-रात काम कर रहे हैं।

अमित चौधरी से जब पूछा गया कि इस महामारी के दौर में जहां एक तरफ लोग खुद को घर में बंद किए हुए हैं। वहां पर इस तरह कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों को लाते हैं तो डर नहीं लगता। इस पर उनका कहना था कि डर लगता है, लेकिन काम तो करना है और अगर डर की वजह से हर कोई काम करने से मना कर देगा तो कौन करेगा। अमित बताते हैं कि वह चार साल से एंबुलेस चला रहे हैं। मगर इतना डर और थकान कभी महसूस नहीं हुई। एक दिन के तकरीबन 5 से 6 कॉल आ जाती हैं। ऐसे में हर मरीज को लाने के बाद एंबुलेस सैनिटाइज की जाती है और हम भी अपनी तरफ से पूरी सावधानी रखते हैं।



बहरहाल, राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले अमित नौकरी की तलाश में दिल्ली आए थे। घर में एक ही कमाने वाले हैं। पूरे परिवार में 5 सदस्य हैं, जिनकी जिम्मेंदारी उन पर है। अमित की माने तो लॉकडाउन से पहले ही अपने घर गए थे। तभी सबसे मिलकर आए थे। अब सिर्फ फोन पर ही बात होती है। 25 दिन हो गए हैं, दो साल के बेटे का चेहरा नहीं देखा है। उन्होंने बताया कि घर की जिम्मेदारी भी है। बहन की पढ़ाई से लेकर शादी और बच्चें को एक अच्छा भविष्य देना है। ताकि वो बड़ा होकर कोई अफसर बने। इसलिए दिन-रात मेहनत करता हूं। ताकि जब वो पढ़ने-लिखने के काबिल हो, तब पैसे की कोई कमी ना हो।

कोरोना ड्यूटी में जुटे डॉक्टरों की कहानी जानकर आंखों में आ जाएंगे आंसू, कहेंगे- 'वाकई आप भगवान हैं'

डॉक्टर राजेश और उनकी पत्नी डॉक्टर रीना की कहानी
डॉक्टर राजेश मीणा और उनकी पत्नी डॉक्टर रीना मीणा इन दिनों कोरोना (Coronavirus) ड्यूटी पर हैं। राजेश जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल के शिशु रोग विभाग में कोरोना के संदिग्ध मामलों को देख रहे हैं। वहीं उनकी पत्नी डॉक्टर रीना एसएमएस अस्पताल के प्रसूति विभाग में कोरोना (Coronavirus) संदिग्ध महिलाओं के उपचार में लगी हैं।

यह दंपती मूल रूप से करौली सपोटरा उपखंड की बपौती ग्राम पंचायत के रहने वाले हैं। पति-पत्नी दोनों कोरोना (Coronavirus) ड्यूटी में हैं इसलिए एक शहर में होने के बावजूद 15 दिन से नहीं मिले हैं। इसके भावनात्मक पहलू पर जरा सोचिए ये लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी के कितने अहम पल कुर्बान कर रहे हैं।


भावुक कर देगा डॉक्टर कोपल अग्रवाल का दर्द
मध्य प्रदेश के सतना की रहने वाली डॉक्टर कोपल अग्रवाल इन दिनों पुणे के बीजेएम मेडिकल कॉलेज से एमडी कर रही हैं। इन दिनों इनकी ड्यूटी कोरोना (Coronavirus) वार्ड में लगी है। कोपल का कहना है कि जब वह कोरोना वार्ड में होती हैं तो ना पानी पी सकती हैं और ना टॉयलेट जा सकती हैं। प्रोटेक्टिव पर्सनल इक्विपमेंट (पीपीई) पहनकर वार्ड में जाना होता है। उन्होंने बताया कि पीपीई पहनने के बाद पानी तक नहीं पीया जा सकता है। जरा सोचिए इतना कष्ट तो किसी कैदी को भी नहीं दिया जाता है। लेकिन कोरोना से लोगों की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को यह कष्ट झेलना पड़ रहा है।


बेटी केक काटती रही, दूर से देखता रहा डॉक्टर पिता
जरा सोचिए, आप अपनी बेटी से चंद कदमों की दूरी पर हों, लेकिन आप उसे छू नहीं सकते, वह भी उसके जन्मदिन जैसे अहम मौके पर। किसी पिता के लिए यह कितना कष्टकारी पल है। कोरोना (Coronavirus) की वजह से ऐसा डॉक्टर पिता के साथ हो रहा है। मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना (Coronavirus) मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर बलराम की बेटी का जन्मदिन गुरुवार को था। कोरोना (Coronavirus) ड्यूटी की वजह से वह इन दिनों होटल में रह रहे हैं। गुरुवार को 9 साल की बेटी की जिद पर वह घर गए, लेकिन वह उसके पास नहीं जा सके। बेटी केक काटती रही, डॉक्टर पिता दूर से ही देखकर खुश होता रहा।


बच्चे जयपुर में पिता वाराणसी में
जयपुर के शाहपुरा के रहने वाले नर्सिंग स्टॉफ बृजेश यादव उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ड्यूटी कर रहे हैं। बृजेश की ड्यूटी कोरोना वार्ड में है। उनकी छह माह की बेटी और 4 साल का बेटा जयपुर में है। वे चाहकर भी बच्चों से मिलने नहीं आ पा रहे हैं। वीडियो कॉल पर बात करके वह अपने बच्चों को समझा रहे हैं।

5 महीने पहले शादी हुई, अब पति-परिवार से दूर रहकर निभा रही हैं फर्ज सोनिया

मेरे लिए मेरा फर्ज पहले है। परिवार, घर की जिम्मेदारी और बाकी चीजें भी हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मौजूदा समय देश पर कुर्बान होने का है। इस समय हम अपनी ड्यूटी से भला कैसे पीछे हट सकते हैं। जिंदगी रही तो बाकी खुशी भी मिलेगी, लेकिन अभी तो बस देश सबसे पहले है। कोरोना की इस जंग में अपने देश को विजयी बनाना है।

ये कहना है पीजीआई की नर्सिंग ऑफिसर सोनिया मसीह का। सोनिया इस समय पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल की आईसीयू में ड्यूटी कर रहीं हैं। हिमाचल की सोनिया की पांच महीने पहले ही राहुल राणा के साथ शादी हुई है। राहुल ने शादी के बाद चंडीगढ़ ट्रांसफर ले लिया। वो एक आईटी कंपनी में कार्यरत हैं। सोनिया ने बताया कि इस समय राहुल घर से ही ऑफिस का काम कर रहे हैं, लेकिन मैं घर से ड्यूटी नहीं कर सकती। इस वजह से मुझे पीजीआई आना पड़ रहा है।
इस समय कोरोना आईसीयू में छह दिन से ड्यूटी कर रही हूं। सात दिन बाद मेरी ड्यूटी पूरी हो जाएगी। उसके बाद मुझे 14 दिन के लिए क्वारंटीन में रहना होगा। उसके बाद ही घर जा पाऊंगी। इस समय पति घर पर अकेले हैं। मोबाइल पर बात होती है, लेकिन राहुल अकेले में परेशान होते हैं। इसके बावजूद वह मुझे ड्यूटी पर डटे रहने की ही बात समझाते हैं। सच कहूं तो राहुल के सपोर्ट की बदौलत ही मैं अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से कर रही हूं।
एलर्जिक हूं तो क्या हुआ, सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है 
सोनिया ने बताया कि वो एलर्जिक हैं। लेकिन इस वजह से ड्यूटी न करना कोई कारण नहीं बनता। जहां तक एलर्जी की बात है तो उससे बचाव के लिए सभी पुख्ता इंतजाम करके ही ड्यूटी पर जाती हूं। सोनिया का कहना है कि जब एक मरीज उस गंभीर स्थिति में अपने परिवार से दूर रह सकता है तो हम ड्यूटी क्यों नहीं कर सकते। बस जज्बा होना चाहिए करने का, फिर रास्ता अपने आप बनता चला जाता है।

पिता की प्रेरणा से मिली ताकत और दो सगी बहनों ने फर्ज को दी प्राथमिकता

देश सेवा हर नागरिक का पहला कर्तव्य होना चाहिए। बहुत कम लोगों को यह मौका मिलता है। देश सेवा में योगदान देकर अच्छा महसूस कर रही हूं। यह कहना है पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल के आईसीयू में ड्यूटी करने वाली जसलीन का। जसलीन पंजाब के पटियाला की रहने वाली हैं।

जसलीन कौर और उनकी बहन हरलीन कौर पीजीआई के कोरोना पेशेंट वार्ड में ड्यूटी कर रही हैं। दोनों बहनें 3 महीने से घर नहीं गई हैं। दोनों बहनें हर सप्ताह घर जाती थीं। जसलीन कौर बताती हैं कि कोई बड़ा काम तो नहीं किया है, लेकिन ड्यूटी कर अपना फर्ज जरूर निभाया। दोनों बहनें इतने दिनों तक कभी अपने माता-पिता से दूर नहीं रही हैं। उन्हें बहुत याद करती हैं।
पिता हरविंदर सिंह की प्रेरणा से बढ़ी हिम्मत
जसलीन कौर ने बताया कि जब उनकी कोरोना पेशेंट के वार्ड में ड्यूटी लगी तो उनके मन में एक डर था। फिर उन्होंने पिता हरविंदर सिंह से फोन पर बात की। इसे लेकर उनके पिता बिल्कुल चिंतित नहीं हुए बल्कि अपनी बेटी को प्रेरणा देकर हिम्मत बढ़ाई। इससे उनका डर गायब हो गया। थोड़ा-बहुत जो डर था, वह मरीज से मिलने के बाद निकल गया।

जसलीन ने बताया कि उन्होंने इस बारे में अपनी मां से जिक्र नहीं किया क्योंकि मां अपने बच्चों के लिए भावुक होती है। सात दिन ड्यूटी कर 14 दिन आइसोलेशन वार्ड में रहने के बाद उन्होंने अपनी मां को बताया, जिसके बाद मां ने भी अपनी बेटियों का हौसला बढ़ाया।

वीडियो कॉल पर मनाया पापा का जन्मदिन
जसलीन कौर ने बताया कि अपने माता-पिता को वह 3 महीने से याद कर रही हैं, क्योंकि दोनों बहनें पीजीआई में ड्यूटी कर रही हैं तो माता पिता को भी उनकी ज्यादा चिंता रहती है। उन्होंने बताया कि इस ड्यूटी के दौरान उनके पापा का जन्मदिन था, लेकिन वह घर नहीं जा पाई। उन्होंने वीडियो कॉल पर ही अपने पापा को जन्मदिन की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने केक काटा। उन्होंने बताया कि पहली बार ऐसा हुआ कि वह अपने पिता के जन्मदिन पर मौजूद नहीं थी।

Wednesday, August 8, 2012

Regular expression that validates all credit card numbers VISA, MASTER, AMEX and DISCOVERY

 ^((4\d{3})|(5[1-5]\d{2})|(6011)|(34\d{1})|(37\d{1}))-?\d{4}-?\d{4}-?\d{4}|3[4,7][\d\s-]{15}$

Tuesday, July 10, 2012

Store procedure for generate dynamic column and pivot

DECLARE
SET
@FROMDATE DATETIME,@TODATE DATETIME @FROMDATE='2012-07-01'SET @TODATE='2012-07-10'
CREATE TABLE #DATES(SELECTEDDATE DATETIME)
DECLARE @FINALCOL NVARCHAR(MAX),@ACOL NVARCHAR(MAX), @columns nvarchar(max)DECLARE @FINALCOLIN NVARCHAR(MAX)SET @FINALCOL =''SET @FINALCOLIN=''SELECT @ACOL ='',@columns=''DECLARE
DECLARE
@TEMPDATE DATETIME @Total Varchar(max)set @Total =''SET @TEMPDATE =@FROMDATEWHILE @TEMPDATE <=@TODATEBEGIN
SET @columns=@columns+'['+CONVERT(VARCHAR(10),@TEMPDATE,120)+'],'--SET @Total =@Total +SET @ACOL=@ACOL+'ISNULL(['+CONVERT(VARCHAR(10),@TEMPDATE,120)+'],0)+'




SET @FINALCOLIN =@FINALCOLIN + ' CONVERT(VARCHAR(10),ISNULL(['+CONVERT(VARCHAR(10),@TEMPDATE,120)+'],0)) AS '+'['+CONVERT(VARCHAR(10),@TEMPDATE,120)+'],' PRINT @FINALCOLININSERT INTO #DATES(SELECTEDDATE) VALUES(@TEMPDATE )SET @TEMPDATE =DATEADD (DAY,1,@TEMPDATE )END
SET
@columns=SUBSTRING(@columns,1,LEN(@columns)-1)SET @FINALCOLIN =SUBSTRING(@FINALCOLIN,1,LEN(@FINALCOLIN)-1)SET

@ACOL=SUBSTRING(@ACOL,1,LEN(@ACOL)-1)select
(
CONVERT(VARCHAR(10),#DATES.SELECTEDDATE,120) SELECTEDDATE,OUTERVALUEIN.created_by,sum(ISNULL (OUTERVALUEIN.timetaken,0)) as timetaken INTO #FINALDATA from #DATES right OUTER JOIN select request_dt =convert(varchar(10),request_dt,120), timetaken=sum(convert(decimal(5,2),isnull(timetaken,0))),created_by from t_crm_requestwhere request_dt >=@FROMDATE and request_dt <=@TODATE and callplaced=1group
by convert(varchar(10),request_dt,120),created_by ) OUTERVALUEINON CONVERT(VARCHAR(10),OUTERVALUEIN.request_dt,120)=CONVERT(VARCHAR(10),#DATES.SELECTEDDATE ,120)group







by #DATES.SELECTEDDATE,OUTERVALUEIN.created_byDECLARE @qry NVARCHAR(MAX) SET @qry='select Created_By,SELECTEDDATE, timetaken from #FINALDATA order by Created_By'SET
(SELECT
#FINALDATA.SELECTEDDATE,
#FINALDATA.Created_By,
#FINALDATA.timetaken
FROM #FINALDATA
)DATA
PIVOT(
SUM(DATA.timetaken )
FOR
DATA.SELECTEDDATE
IN('
) PVT'
@qry ='SELECT * ,'+@ACOL+'AS Total FROM + @columns + ')print @qryexec
(@qry)drop table #DATESdrop table #FINALDATA

Sql Query For Subgroup and Total of Subgroup

select created_by,convert(varchar(10),request_dt,120) as request_dt, timetaken=sum(convert(decimal(5,2),isnull(timetaken,0))),GROUPING([created_by]) AS 'CreatedAgg' ,GROUPING([request_dt]) AS 'ReqdtAgg'from t_crm_requestwhere request_dt >='2012-07-01' and request_dt <='2012-07-10' and callplaced=1group by created_by, request_dt WITH ROLLUP

Tuesday, July 3, 2012

Validation in JavaScript Using Regular Expression

<script type="text/javascript"> 
                function ValidateInput(evt) 
                { 
                  var valRegExp = new RegExp("^[a-zA-Z0-9]"); 
                  if (valRegExp.test(String.fromCharCode(evt.which))) 
                  { 
                      return true; 
                  } 
                  else 
                  { 
                      return false; 
                  } 
                } 
           </script> 
      </head> 
      <body> 
           <label for="txtUsername">Username</lable> 
           <input type="text" id="txtUsername" placeholder="Enter Username" onkeypress="return ValidateInput(event)"/> 
      </body> 

Friday, June 22, 2012

Message box using JQuery

<script language="javascript" type="text/javascript">
var flag = true;
function fnCheckValue()
 {
ShowMessage(
if (flag == false) {"Please fill proper values in Red colour boxes");// alert("Please fill proper values in Red colour boxes");
}

function
$(
setTimeout(
setTimeout(
}

$(
setTimeout(
}
ShowMessage(message) {"<div class='msg' id='dvMsg'><table width='100%'><tr><td width='90%'>" + message + "</td><td width='10%' valign='top' style='float:right;text-decoration:none;'><a href='javascript:void();' onclick='closethis(myMessage);'>x</a></td></tr></table></div>").attr('id', 'myMessage').appendTo('body');"$('#myMessage').fadeOut('slow');", 2900);"$('#myMessage').remove();", 4000);function closethis(id) {'#myMessage').fadeOut('slow');"$('#myMessage').remove();", 1000);
 Add css

.msg{
background-color: #FFB6C1;text-align: left;position: absolute;top: 35%;left: 40%;margin-left: -70px;width: 350px;height: auto;padding: 10px 10px 8px 10px;-moz-border-radius: 10px;-webkit-border-radius: 10px;-khtml-border-radius: 10px;border-radius: 10px;Call on button click



}
OnClientClick="return fnCheckValue();"